श्री राम अस्थल मंदिर की लाखों रुपए की आए लेकिन मंदिर की स्थिति जीर्ण शिर्ण समाज के वरिष्टों ने सोंपा ज्ञापन नगर एवं क्षेत्र के प्राचीन एवं सबसे बड़े मंदिरों में से एक श्री राम स्थल मंदिर मठ एवं ट्रस्ट के अभाव में कई वर्षों पहले शासन के नियंत्रण में आ गया जिसकी देखरेख वर्षों से प्रशासन कर रहा है। मंदिर की पूजा व्यवस्था के लिए वेतन पर पुजारी भी नियुक्त हैं। मंदिर पर करीब 120 बीघा कृषि भूमि है । जिसमें से 4 हेक्टर (16 बीघा से ज्यादा) भूमि पुजारी को अपने भरण पोषण एवं मंदिर की पूजा सामग्री आदि के लिए एवं बाकी की करीब 104 बीघा भूमि प्रतिवर्ष नीलाम करके नीलामी का पैसा मंदिर के खाते जमा करने के निर्देश हैं।
ज्ञापन में क्या मुद्दे
पिछले कई वर्षों से लाखों रुपए की आए हो रही है बीते वर्ष भी करीब 19 लाख रुपए मंदिर की कृषि भूमि की नीलामी हुई ।
ज्ञापन में बताया गया कि जब इतनी आए हैं तो मंदिर की स्थिति इतनी खराब क्यों है मंदिर का गर्भ ग्रह एवं मंदिर का एक हिस्सा गिरने की कगार पर है कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है।
कई लोगों का नीलामी के दौरान बकाया पैसा बरसों से जमा नहीं हुआ जिन पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण पुनः यह लोग नीलामी में भाग ले लेते हैं।
मंदिर का या तो जीर्णोद्धार करवाया जाए या अभी वेकल्पिक रिपेयरिंग खासकर गर्भ ग्रह एवं परिसर का जो हिस्सा जीर्ण शिर्ण है उसे तोड़कर एक हाल का निर्माण करवाना, मंदिर के परिसर की वॉल बाउंड्री करवा कर गेट लगवाने, पांच लेट -बाथ का निर्माणकरवाना।
पिछले 5 वर्ष के मंदिर के खाते का स्टेटमेंट की प्रतिलिपि उपलब्ध करवाना ताकि यह पता चल सके की मंदिर की नीलामी के दौरान लाखों रुपए की आए तो अखबारों में प्रतिवर्ष छप रही है लेकिन क्या यह पैसा पूरी तरह से मंदिर के खाते में जमा भी हो रहा है या नहीं यह समाज को जानने का अधिकार है ।
मंदिर की सभी कृषि भूमियो का सीमांकन करवाना और जिन लोगों का पैसा पिछले कई वर्षों से बकाया है उनकी लिस्ट सार्वजनिक करना।
प्रतिवर्ष मंदिर की कृषि भूमि की नीलामी 15 जून या 15 जून के आसपास हो रही है इस कारण भूमि लेने वाले किसानों को भी परेशानी होती है और मंदिर की आए भी कम होती है नीलामी समय पर पूरी करवाए।
इस दौरान रिटायर्ड शिक्षक योगेंद्र सिंह राठौड़, बाबूलाल पालीवाल, पूर्व पार्षद मोहन धनगर, पेंशनर्स एसोसिएशन ओम प्रकाश पोरवाल, रूद्र कुमार , जितेंद्र सिंह राठौड़ आदि मौजूद थे। ज्ञापन का वचन रिटायर्ड शिक्षक लोकेंद्र सिंह डोडिया के द्वारा किया गया।
इस बार 15 मई को मंदिर की कृषि भूमि की नीलामी करवा देंगे। मंदिर के खाते का स्टेटमेंट मंगवाया जा रहा है एक हफ्ते में हम संबंधित सदस्यों को दे देंगे। मंदिर के जिर्णोद्धार और रिपेयरिंग के लिए वरिष्ठ कार्यालय को अवगत कराया जा रहा है। जिन लोगों का नीलामी का पैसा बकाया है उन्हें नीलामी में भाग नहीं लेने देंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई भी करेंगे।
देवेंद्र दानगढ़ तहसीलदार पिपलोदा



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